गाय मातृस्वरूपा

गाय मातृस्वरूपा

यह मान्यता है कि गाय का अवतरण कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी के दिन हुआ था, इसीलिए इस तिथि को गोपाष्टमी भी कहते है इस तिथि के साथ यह भी एक धारणा है कि भगवान श्री कृष्ण जी ने गो, गोप तथा गोपियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत धारण किया था. गौमाता के अवतरण से संबंधित दो कथानक है:
  1. ऋग्वेद से पहला कथानक है. जिसमें एक मंत्र में कहा गया है कि जिस तरहसे विराट पुरुष से सूर्य, चंद्र, अग्नि, वायुआदि देवता उत्पन्न हुए थे, उसी तरह से उनमे गौमाता भी उत्पन्न हुई थी 
  2. दूसरा कथानक पदमपुराण के सृष्टिखंड से है. जिसमें कहा गया है कि जब देवताऔर दानव मिलकर समुंद्रमंथन कर रहे थे, तब जिस प्रकार से समुंद्र से माता लक्ष्मी जी, ऐरावत हाथी प्रकट हुए उसी प्रकार गाय भी प्रकट हुई भारतीय गाय ही असली गाय है. इसका दूध अमृत सामान है 

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